Wednesday, 17 July 2024
होली खेले बनारस में
Monday, 13 March 2023
कभी तोड़ती थी वो पत्थर
Wednesday, 6 July 2022
काश कभी ऐसी भी बारिश आये
काश कभी ऐसी भी बारिश आये
रिमझिम बरसते इन बारिशों में
काश कभी ऐसी भी
बारिश आये जिसमें
सबके अहम डूब जाए
मतभेद के किले ढह जाएं
घमंड चूर चूर हो जाए
गुस्से के पहाड़ पिघल जाए
नफरत हमेशा के लिए दफ़न हो जाये
प्यार की बारिशों में भींग जाये,
सौहार्द और सद्भावनाओं से
लबालब भरे ताल व तलैये हो,
दया और करुणा से भरी नदियां हो
और हम सब
"मैं" से "हम" हो जाएं ......
काश कभी ऐसी भी बारिश आये....
बस_यू_ही
Monday, 27 June 2022
ज़िन्दगी और हम
ज़िन्दगी और हम
उदास दिल, उलझी हुई ज़िन्दगी और थके हुए हम।
टूटा दिल, बिखरी हुई ज़िन्दगी और हारे हुए हम।
गुजरे हुए लम्हे, यादों में खोई हुई ज़िन्दगी और बदहवाश से हम।
बस यूं ही
Wednesday, 22 June 2022
पिता
Saturday, 7 May 2022
मेरा स्पंदन तुमसे है मां
किताबें
Thursday, 21 April 2022
यादों के झरोखों से
Thursday, 14 April 2022
शिव ख़ास हैं
शिव ख़ास हैं
क्योंकि वो अजर
अविरल और
अविनाशी हैं
शिव ख़ास हैं
क्योंकि वो सरल सत्य
और सनातन है।
वे सिखाते हैं
बहुत सरलता व
सहजता से
प्रेम करना
प्रेम में सम्मान करना
समर्पित होना
खुद को खाली कर देते हैं
शक्ति के प्रेम में
पार्वती के लिए करते हैं नृत्य
हिमालय के सामने
इसलिए आज भी स्त्रियां
राम सा बेटा, कृष्ण सा प्रेमी
और शिव जैसा पति चाहती हैं
हर हर महादेव🙏🏽
शिव है शाम-भोर !
Wednesday, 16 March 2022
अबकी फाल्गुन
अबकी फाल्गुन
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
मथुरा में खेलूं होली फूलों संग
कान्हा की भक्ति से महकेगा अंग
रास महारास ले, आई है टोली,
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
अयोध्या में खेलूं होली रंग गुलाल,
रघुवर के भक्ति से डूबा हो ताल।
सिया और लखन से मिले हमजोली,
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
अवध में खेलूंगी होली सिंदूरी,
हनुमान के जैसी भक्ति में पूरी,
राम सीता हँसे कह देंगे भोली
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
काशी में खेलूं होली भस्म लगा,
भोले बाबा सी आसक्ति भगा,
शिवगण ने अब भाँग है घोली,
अबकी फाल्गुन खेलूं मैं होली,
नीलम वन्दना
होली का त्योहार
Saturday, 12 March 2022
मैंने संभावनाएं ढूंढी है शून्य में भी...
Wednesday, 2 March 2022
चिकन करी लॉ
ईमानदार आदमी जब भ्रष्ट होता है तो नस्लें नष्ट हो जाती है....
सेवन हिल्स सिने क्रिएशन्स प्रोडक्शन में बनी फिल्म चिकन करी लॉ का लेखन, निर्देशन और संगीत शेखर सिर्रीनी जी का है।
शेखर सिर्रीनी जी कहानी का अन्त थोड़ा से बदलाव के साथ और बेहतर कर सकते थे। निर्देशक के रुप में शेखर जी की तारीफ करनी चाहिए और फिल्म का संगीत भी बेहतरीन है जो कहानी के साथ साथ चलता है और कही भी अलग से थोपा हुआ सा महसूस नहीं होता।
आशुतोष राणा सर एक मजे हुए कलाकार हैं और सीतापति शुक्ल(वकील) के रूप में वो हमेशा की तरह अपना प्रभाव डालने में सफल रहे हैं। माया जॉनसन के रूप में नतालिया जानोसज़ेक भी अपने अभिनय से अपने बलात्कार के दर्द को दिखाने का अच्छा प्रयास किया है
निवेदिता भट्टाचार्य सत्य देशमुख का प्रयास भी सराहनीय है। मकरंद देशपांडे मुथु स्वामी (विपक्ष के वकील) के रूप में, गणेश पई मकिया के रूप में,जाकिर हुसैन शरद जोशी (राजनेता) के रुप में तथा छगन पाटिल के रूप में अमन वर्मा के अभिनय कौशल अपना अपना प्रभाव डालने में सफल रहे हैं। फिल्म का अन्त थोड़ा से बदलाव के साथ और ज्यादा अच्छा हो सकता था।
चिकन करी लॉ में कहानी है , एक विदेशी बेली डांसर माया की जिसके साथ मुंबई के एक राजनेता के एय्याश बेटों माकिया और नाना ने बलात्कार किया,और उसे मरने के लिए छोड़ दिया । एक सामाजिक कार्यकर्ता सत्या माया को न्याय दिलाने की कोशिश में वकील सीतापति से मिलती है और दोनों मिलकर माया को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। हालांकि इस लड़ाई में सत्या की मौत हो जाती है, और सीतापति कानूनी लड़ाई लड़ते हुए माया को न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। कानूनी दांवपेंच और राजनैतिक षड्यंत्र के चलते सबूतों और गवाहों के अभाव में कोर्ट आरोपियों को बरी कर देता है। लेकिन सीतापति जिसने माया को न्याय दिलाने का वादा किया था, हिम्मत नहीं हारता और माया को आखिरकार न्याय दिला कर ही मानता है।
बाकी क्या है चिकन करी लॉ जानने के लिए फिल्म देखें।😊
Saturday, 26 February 2022
किसे है पता...
युद्ध की विभिषिका
Monday, 24 January 2022
बातें अभी और भी है -7
बातें अभी और भी है
किस्मत से लड़ गए थे एक रोज.....बदल दिया था रास्ता जिन्दगी का एक ही पल में... मुझे पता था और समझ भी कि जो कुछ भी मेरे साथ हुआ वो सही नहीं था...... हां कई बार दिल ने सवाल जरूर किया ऐसा आखिर मेरे साथ ही क्यों??
कभी कभी दिल में टिस सी जरुर होती है लेकिन यकिन मानिए अफसोस कत्तई नहीं होता...
जो हुआ अच्छा हुआ, शायद मेरे लिए यही सही था☺️ लेकिन सिर्फ मेरे लिए.....
बाक़ी किसी के भी साथ ऐसा कुछ हो ऐसा मैंने बिल्कुल भी नहीं चाहा........
बस यू ही
